दो लघुकथाएं
लघुकथा
🤔एकांतवास 🤔
पति -पत्नी : डॉक्टर साहेब कई दिनों से बच्चों को भूख कम लग रहीं है व आँखे भी कमजोर हो रहीं है. कोई अच्छी दवा लिख दे प्लीज.
डॉक्टर :अच्छा ये बताओ कि बच्चों के साथ हंसी मज़ाक, खेल-कूद, पार्क में जाना तो होता होगा ना.
पति पत्नी : नहीं साहब ये बच्चें मोबाइल छोड़े तब ना. बस लगे रहते है. मोबाइल के आलावा इनको कुछ भी तो अच्छा नहीं लगता.
डॉक्टर : तो ये मोबाइल के ऐडिक्ट है.
पति -पत्नी : जी सही कहा.
डॉक्टर : क्या में आप दोनों की दिनचर्या जान सकता हूं ?
पत्नी : डॉक्टर साहब ये अक्सर लैपटॉप लेकर कुछ न कुछ करते रहते है तो में घर के काम से फ्री होने के बाद टाइमपास के लिए मोबाइल /टीवी देख लेती हूं. 😋😋
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लघुकथा
🌝पगड़ी🌝
मामूली राम जी आज सुबह से ही बहुत ख़ुश थे कि आज अंतर्राष्ट्रीय पगड़ी दिवस है.इस अवसर पर मामूली राम जी ने नया धोती -चोला खरीदा फिर एक नई पगड़ी खरीदी और बड़ी शान से निकल पड़े किसी अच्छे जानकार से पगड़ी बंधवाने के लिए.
मामूली राम जी सायंकाल धोती-चोले व नई पगड़ी में बड़े सुन्दर मगर कुछ उदास-उदास से लग़ रहें थे.
इस उदासी की बात पर उनके मित्र भोलाराम ने मामूलीराम जी से उनकी उदासी का कारण पूछ ही लिया.
मामूली राम जी ने भी बड़ी मासूमियत से भोलाराम को बताया कि "यार आज पगड़ी बाँधने वाला एक सज्जन बड़ी मुश्किल से मिला मगर उससे पहले पगड़ी उछालने वाले हरामी बहुत मिले.
मौलिक रचना
अशोक रंगा

nice stories with good message ...
ReplyDelete🙏शुक्रिया 🙏
DeleteMobile mobile 🤳 ghar ghar ki kahani😜
ReplyDeleteबहुत बहुत धन्यवाद
DeleteBache bi bado ko hi follow krte h ,hum onhe time ni Dete to wo fir mob hi option h...
ReplyDeleteVery Nice Stories Uncle ....
ReplyDelete🙏धन्यवाद 🙏
DeleteNice short stories
ReplyDeleteशानदार। संदेशात्मक कथाएं।
ReplyDeleteशुक्रिया संजय भाई
DeleteNice story Sir Ji
ReplyDeleteTHANKS 🙏
Delete🙏धन्यवाद 🙏
ReplyDelete🙏तहे दिल से आभार 🙏
ReplyDeleteआज के माहौल पर सटीक व्यंग्य
ReplyDeleteतहे दिल से शुक्रिया 🙏
Deleteसटीक।शानदार रचना
ReplyDelete🙏आभार 🙏
Delete🙏धन्यवाद 🙏
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